नमस्कार दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर परिवार को एक विशिष्ट पहचान देने के लिए “एक परिवार एक पहचान” (Family ID) योजना शुरू की है। यह एक ऐसी डिजिटल पहल है, जो नागरिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो रही है। यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो यह फैमिली आईडी आपके लिए बेहद जरूरी हो गई है। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।
फैमिली आईडी योजना क्या है
फैमिली आईडी, जिसे “एक परिवार एक पहचान” योजना के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक परिवार को एक 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करना है ।इस योजना के तहत राज्य की सभी परिवार इकाइयों का एक लाइव व्यापक डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। यह डेटाबेस लाभार्थीपरक योजनाओं के बेहतर प्रबंधन, समयबद्ध लक्ष्यीकरण और पारदर्शी संचालन में सहायक होगा । सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे ।
2026 की नवीनतम स्थिति
2026 में इस योजना को और अधिक मजबूत किया गया है। 1 जनवरी 2026 को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में योजना की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए :
- DBT योजनाओं का 100% लिंकेज: सभी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं के लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से फैमिली आईडी से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं ।
- 98 योजनाएं जुड़ चुकी हैं: अब तक केंद्र और राज्य सरकार की कुल 98 जनकल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा जा चुका है। इनमें केंद्र सरकार की 13 और उत्तर प्रदेश सरकार की 85 योजनाएं शामिल हैं ।
- 15.7 करोड़ से अधिक नागरिक पंजीकृत: फैमिली आईडी डाटाबेस में अब तक 15.7 करोड़ से अधिक नागरिक पंजीकृत हो चुके हैं ।
- 44 लाख आवेदन: फैमिली आईडी पोर्टल पर अब तक 44 लाख नागरिकों ने आवेदन किया है ।
योजना का दायरा (आंकड़ों में)
| विवरण | आंकड़े |
| जुड़ी हुई योजनाएं | 98 (13 केंद्रीय + 85 राज्य) |
| पंजीकृत नागरिक | 15.7 करोड़+ |
| कुल लाभार्थी | 15.07 करोड़+ |
| ऑनलाइन आवेदन | 44 लाख |
| वितरित भौतिक कार्ड | 19 लाख+ |
🎯 फैमिली आईडी के फायदे
✅ 1. एक आईडी, कई योजनाओं का लाभ
फैमिली आईडी होने पर आपको अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ता। यह एक आईडी 98 से अधिक योजनाओं की “चाबी” का काम करती है ।
✅ 2. प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान
अब आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक बार फैमिली आईडी बन जाने के बाद सभी आवश्यक जानकारी इसी डेटाबेस से उपलब्ध हो जाती है ।
✅ 3. फर्जीवाड़े पर रोक
पूरे परिवार की जानकारी एक ही जगह होने से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगती है। इससे सरकारी धन की बचत होती है और योजनाएं पारदर्शी बनती हैं ।
✅ 4. डिजिटल पासबुक की सुविधा
हर परिवार को ई-पासबुक दी जाएगी, जिसमें परिवार के सदस्यों द्वारा प्राप्त की जा रही सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पूरी जानकारी होगी। साथ ही, इससे यह भी पता चल सकेगा कि परिवार किन अन्य योजनाओं का पात्र है ।
✅ 5. डिजीलॉकर पर उपलब्ध
फैमिली आईडी को DigiLocker पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आप इसे कभी भी, कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं ।
✅ 6. समय और धन की बचत
एक बार पंजीकरण होने के बाद, विभिन्न योजनाओं के लिए जानकारियां स्वतः उपलब्ध हो जाती हैं। इससे समय, धन और श्रम—तीनों की बचत होती है ।
कौन है पात्र
फैमिली आईडी योजना उत्तर प्रदेश के सभी निवासियों के लिए है :
- राशन कार्ड धारक: यदि आपके पास राशन कार्ड है, तो आपकी राशन कार्ड संख्या ही आपकी फैमिली आईडी होगी। आपको अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है ।
- राशन कार्ड से वंचित परिवार: जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, वे ऑनलाइन पोर्टल या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर फैमिली आईडी बनवा सकते हैं ।
- स्वैच्छिक पंजीकरण: जो परिवार फिलहाल किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, वे भी स्वेच्छा से फैमिली आईडी प्राप्त कर सकते हैं .
आवेदन कैसे करें
विकल्प 1: ऑनलाइन (निःशुल्क)
अगर आपके पास राशन कार्ड नहीं है तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल https://familyid.up.gov.in पर जाएं ।
- “न्यू रजिस्ट्रेशन” ऑप्शन पर क्लिक करें ।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें (जो आधार से लिंक हो) ।
- आए हुए OTP को दर्ज करें।
- पूछे गए फॉर्म में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें।
- सबमिट करें।
ऑनलाइन आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है ।
विकल्प 2: जन सुविधा केंद्र (CSC) से
- किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर या जन सुविधा केंद्र पर जाएं।
- वहां आपका आवेदन कर दिया जाएगा।
- शुल्क: केवल 30 रुपये .
सत्यापन प्रक्रिया
1.ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्राम पंचायत अधिकारी (GPO) या ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन ।
2.शहरी क्षेत्रों में: लेखपाल या उप जिलाधिकारी (SDM) द्वारा सत्यापन .
आवश्यक दस्तावेज
- परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड (अनिवार्य)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना चाहिए)
- निवास प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- पैन कार्ड (वैकल्पिक)
निष्कर्ष क्यों बनवाएं फैमिली आईडी?
फैमिली आईडी – एक परिवार एक पहचान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक ऐसी पहल है जो सरल, पारदर्शी और डिजिटल शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न सिर्फ आपको 98 से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाती है, बल्कि आपका कीमती समय और पैसा भी बचाती है ।
आपके लिए सुझाव:–
- यदि आपके पास राशन कार्ड है, तो आपकी फैमिली आईडी पहले से बन चुकी है। बस अपने राशन कार्ड नंबर को सुरक्षित रखें।
- यदि राशन कार्ड नहीं है, तो आज ही आवेदन करें – यह पूरी तरह निःशुल्क है।
- किसी भी मध्यस्थ पर भरोसा न करें – ऑनलाइन आवेदन मुफ्त है।
- एक बार फैमिली आईडी बन जाने के बाद, अपनी ई-पासबुक जरूर चेक करें, जिससे पता चलेगा कि आप किन योजनाओं के पात्र हैं।






